भारतीय धर्म और संस्कृति: ज्योतिर्लिंग, चिरंजीवी, देवी-देवता, राष्ट्रीय प्रतीक, शास्त्रीय नृत्य

संपादकीय जाँच: Hindi Galaxy टीम · अंतिम जाँच: 23 अक्टूबर 2026 · सूचियाँ विकिपीडिया (अंग्रेज़ी और हिंदी), संगीत नाटक अकादमी की वेबसाइट और अमेरिकी NIH की संस्था NCCIH के पृष्ठों से मिलाई गईं; स्रोत सबसे नीचे दिए हैं

भारतीय धर्म और संस्कृति से जुड़े सात लोकप्रिय सवालों के जवाब यहाँ एक जगह हैं: प्रमुख देवी-देवता और उनके नाम, 12 ज्योतिर्लिंग, 7 चिरंजीवी, भारत के राष्ट्रीय प्रतीक, शास्त्रीय नृत्य और योग। जहाँ स्रोतों में मतभेद मिला, वहाँ वह साफ़ लिखा है। धार्मिक बातें “परंपरा के अनुसार” के रूप में दी गई हैं, यानी मान्यता के तौर पर, ऐतिहासिक दावे के तौर पर नहीं।

इस पेज पर:

भारतीय देवी-देवता

नीचे चौदह प्रमुख देवी-देवताओं के नाम, उनके अन्य प्रसिद्ध नाम और परंपरा में उनकी पहचान दी गई है। यह सूची पूरी नहीं है; हिंदू परंपरा में अनगिनत देवी-देवता और स्थानीय रूप हैं।

देवी / देवताEnglishअन्य प्रसिद्ध नामपरंपरा में पहचान
ब्रह्माBrahmaप्रजापति (वैदिक देवता से पहचाने जाते हैं)त्रिमूर्ति में “सृष्टिकर्ता”; सृष्टि, ज्ञान और वेदों से जुड़े माने जाते हैं। चित्रण में चार सिर, जो चार वेदों के प्रतीक बताए जाते हैं।
विष्णुVishnuनारायण, हरिवैष्णव परंपरा में परम सत्ता और “पालनकर्ता”; परंपरा के अनुसार वे अवतार लेकर सृष्टि की व्यवस्था बहाल करते हैं।
शिवShivaमहादेव, हरशैव परंपरा में परम सत्ता; संस्कृत में “शिव” का अर्थ “शुभ, कल्याणकारी” बताया जाता है।
गणेशGaneshaगणपति, विनायक, पिल्लैयारकिसी भी पूजा से पहले पूजे जाने वाले “प्रथम पूज्य”; हाथी के मुख वाले देवता।
हनुमानHanumanमारुति, बजरंगबली, अंजनेयराम के परम भक्त वानर रूप देवता; परंपरा में वायु देव के आध्यात्मिक पुत्र और चिरंजीवी माने जाते हैं।
कार्तिकेयKartikeyaस्कंद, सुब्रह्मण्य, षण्मुख, मुरुगनयुद्ध के देवता; शिव और पार्वती के पुत्र तथा गणेश के भाई माने जाते हैं।
सूर्यSuryaरवि, विवस्वान, भास्करसूर्य देवता; स्मार्त परंपरा की पंचायतन पूजा के पाँच प्रमुख देवताओं में से एक।
रामRamaरामचंद्र, राघव, दाशरथिविष्णु के प्रमुख अवतारों में गिने जाते हैं; रामायण के नायक और “मर्यादा पुरुषोत्तम” (आदर्श पुरुष) कहे जाते हैं।
कृष्णKrishnaगोविंद, माधव, गोपालविष्णु के आठवें अवतार; जन्माष्टमी पर उनका जन्मोत्सव मनाया जाता है; महाभारत और भगवद्गीता से जुड़े हैं।
दुर्गाDurgaमहिषासुरमर्दिनीशक्ति परंपरा में महादेवी का प्रमुख रूप; सुरक्षा, शक्ति और बुराई के विरुद्ध संघर्ष से जुड़ी हैं। नवरात्रि और दुर्गा पूजा में पूजी जाती हैं।
लक्ष्मीLakshmiश्रीधन, समृद्धि, सौभाग्य और सौंदर्य की देवी; विष्णु की पत्नी मानी जाती हैं।
सरस्वतीSarasvati—ज्ञान, शिक्षा, वाणी, कला और संगीत की देवी।
पार्वतीParvatiउमा, गौरीशिव की पत्नी; गणेश और कार्तिकेय की माता मानी जाती हैं।
कालीKaliकालिकासमय, मृत्यु और संहार से जुड़ी देवी; दस महाविद्याओं में पहली।

त्रिमूर्ति और त्रिदेवी

त्रिमूर्ति में तीन प्रमुख देवता गिने जाते हैं: ब्रह्मा (सृष्टिकर्ता), विष्णु (पालनकर्ता) और शिव। त्रिदेवी में तीन प्रमुख देवियाँ गिनी जाती हैं: सरस्वती, लक्ष्मी और पार्वती। शाक्त परंपरा में इन तीनों देवियों को महादेवी (मूल-प्रकृति) के ही रूप माना जाता है, जबकि अन्य परंपराओं में उन्हें त्रिमूर्ति के देवताओं की पत्नियों के रूप में देखा जाता है।

विष्णु के दशावतार

दशावतार विष्णु के दस प्रमुख अवतार हैं। अलग-अलग संप्रदायों और क्षेत्रों में सूची थोड़ी बदलती है, इसलिए कोई एक सूची “अंतिम” नहीं कही जा सकती। सबसे प्रचलित क्रम इस प्रकार है:

  1. मत्स्य
  2. कूर्म
  3. वराह
  4. नरसिंह
  5. वामन
  6. परशुराम
  7. राम
  8. कृष्ण या बलराम
  9. बुद्ध या कृष्ण (सूची के अनुसार)
  10. कल्कि

देवियों के बारे में विस्तार से जानना हो तो 10 देवी के नाम और उनके महत्व पेज देखें।

भगवान के प्रसिद्ध नाम (64 नाम)

नीचे 64 ऐसे नाम हैं जिनकी पुष्टि हमने विकिपीडिया के संबंधित देवता-लेखों से की (कृष्ण के नाम “Names and epithets” खंड से, शिव, हनुमान, गणेश, राम और कार्तिकेय के नाम उनके नाम/व्युत्पत्ति वाले खंड से)। जिन नामों का अर्थ स्रोत में नहीं मिला, वहाँ “स्रोत में केवल नाम दिया गया है” लिखा है, हमने अपनी ओर से अर्थ नहीं जोड़ा। एक ही नाम कई देवताओं के लिए आ सकता है (जैसे “हरि” कृष्ण और विष्णु, दोनों का नाम है; इसे एक ही बार गिना गया है), इसलिए सूची देवता के अनुसार बाँटी गई है। देवनागरी रूप जहाँ स्रोत में नहीं था, वहाँ रोमन नाम की मानक वर्तनी दी गई है।

देवतानामRomanअर्थ (स्रोत के अनुसार)
कृष्णअच्युतAchyutaजो अपने दिव्य स्वरूप से कभी नहीं गिरता
कृष्णअनंतAnantaअंतहीन, अनंत
कृष्णबाल गोपालBal Gopalबाल कृष्ण; गायों के रक्षक
कृष्णचक्रपाणिChakrapaniसुदर्शन चक्र धारण करने वाले
कृष्णदामोदरDamodaraजिन्हें कमर में रस्सी से बाँधा गया था
कृष्णदेवकीनंदनDevakinandanaदेवकी के पुत्र
कृष्णद्वारकाधीशDvarakadhishaद्वारका के स्वामी
कृष्णघनश्यामGhanashyamवर्षा से भरे बादल जैसे श्याम वर्ण वाले
कृष्णगिरिधारीGiridhariगोवर्धन पर्वत उठाने वाले
कृष्णगोपालGopalaगायों के रक्षक
कृष्णगोपीनाथGopinathaगोपियों के स्वामी
कृष्णगोविंदGovindaगायों को आनंद देने वाले
कृष्णहरिHariपाप और दुख हरने वाले
कृष्णजगन्नाथJagannathaजगत के स्वामी
कृष्णजनार्दनJanardanaजनता की रक्षा करने वाले; भक्तों द्वारा पूजित
कृष्णकेशवKeshavaसुंदर केशों वाले; केशी दैत्य का वध करने वाले
कृष्णमाधवMadhavaलक्ष्मी के पति; मधुर, वसंत जैसे
कृष्णमधुसूदनMadhusudanaमधु दैत्य का वध करने वाले
कृष्णमोहनMohanमोहित करने वाले
कृष्णमुरलीधरMurlidharaमुरली (बाँसुरी) धारण करने वाले
कृष्णनंदकुमारNandakumaraनंद के पुत्र
कृष्णपार्थसारथिParthasarathiअर्जुन के सारथी
कृष्णपुरुषोत्तमPurushottamaसर्वोच्च पुरुष; सब प्राणियों में श्रेष्ठ
कृष्णवासुदेवVasudevaवसुदेव के पुत्र; सबमें बसने वाली दिव्य सत्ता
कृष्णयोगेश्वरYogeshvaraयोग के स्वामी
शिवविश्वनाथVishvanathaजगत के स्वामी
शिवमहादेवMahadeva“महान देव”
शिवमहेशMaheshaस्रोत में केवल नाम दिया गया है
शिवमहेश्वरMaheshvara“महान ईश्वर”
शिवपरमेश्वरParameshvara“सर्वोच्च ईश्वर”
शिवशंकरShankaraस्रोत में केवल नाम दिया गया है
शिवशंभुShambhuस्रोत में केवल नाम दिया गया है
शिवरुद्रRudraस्रोत में केवल नाम दिया गया है
शिवहरHaraस्रोत में केवल नाम दिया गया है
शिवत्रिलोचनTrilochanaस्रोत में केवल नाम दिया गया है
शिवनीलकंठNeelakanthaस्रोत में केवल नाम दिया गया है
शिवशुभंकरShubhankaraस्रोत में केवल नाम दिया गया है
शिवत्रिलोकीनाथTrilokinathaतीनों लोकों के स्वामी
हनुमानअंजनेयAnjaneyaअंजना के पुत्र
हनुमानकेसरीनंदनKesarinandanaकेसरी के पुत्र
हनुमानपवनपुत्र / वायुपुत्रPavanputra / Vayuputraवायु देव के पुत्र
हनुमानबजरंग बलीBajrang Baliवज्र जैसे कठोर अंगों वाले बलवान
हनुमानसंकट मोचनSankata Mochanaसंकट, कठिनाइयाँ और बाधाएँ हरने वाले
हनुमानमारुतिMarutiमरुत (वायु देव) के पुत्र
हनुमानकपीश्वरKapeeshwaraवानरों के स्वामी
हनुमानरामदूतRama Dootaराम के दूत
हनुमानमहाबलMahabalaसबसे बलशाली
गणेशगणपतिGanapati“गण” (समूह) + “पति” (स्वामी)
गणेशविनायकVinayakaपुराणों में प्रचलित नाम; महाराष्ट्र के अष्टविनायक मंदिर इसी नाम पर हैं
गणेशविघ्नराजVighnarajaविघ्नेश के समान
गणेशद्वैमातुरDvaimaturaजिनकी दो माताएँ हैं
गणेशगणाधिपGanadhipaगणेश और गणपति के समान
गणेशएकदंतEkadantaएक दाँत वाले
गणेशहेरंबHerambaस्रोत में केवल नाम दिया गया है
गणेशलंबोदरLambodaraलंबे (लटके) पेट वाले
गणेशगजाननGajananaहाथी के मुख वाले
कार्तिकेयस्कंदSkanda—
कार्तिकेयसुब्रह्मण्यSubrahmanya—
कार्तिकेयषण्मुखShanmukha—
कार्तिकेयमुरुगनMuruga—
रामरामचंद्रRamachandraसुंदर, मनोहर चंद्रमा
रामदाशरथिDasarathiदशरथ के पुत्र
रामराघवRaghavaरघु (सूर्यवंश) के वंशज
विष्णुनारायणNarayana—

12 ज्योतिर्लिंग के नाम और स्थान

12 ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के वे बारह पवित्र स्थल हैं जिन्हें शिव पुराण की परंपरा में सबसे शुभ माना जाता है। “ज्योतिर्लिंग” का अर्थ है “प्रकाश का लिंग” (ज्योतिस् = प्रकाश, लिंग = चिह्न)। शिव पुराण में मूल रूप से 64 ज्योतिर्लिंगों का उल्लेख बताया जाता है, जिनमें से बारह को अत्यंत शुभ माना गया। बारह नाम और स्थान शिव पुराण की शतरुद्र संहिता (अध्याय 42) में आते हैं, और “द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र” में भी इन्हीं बारह का क्रम मिलता है। नीचे की तालिका उसी क्रम में है।

क्रमज्योतिर्लिंगEnglishराज्यस्थानटिप्पणी (स्रोत के अनुसार)
1सोमनाथSomnathगुजरातप्रभास पाटन, वेरावल (सौराष्ट्र)परंपरा में इसे पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है; मंदिर कई बार तोड़ा और फिर बनाया गया।
2मल्लिकार्जुनMallikarjunaआंध्र प्रदेशश्रीशैलम (नंद्याल ज़िला)श्रीशैल पर्वत पर स्थित।
3महाकालेश्वरMahakaleshwarमध्य प्रदेशउज्जैनमाना जाता है कि यहाँ का लिंग स्वयंभू है।
4ओंकारेश्वरOmkareshwarमध्य प्रदेशखंडवा ज़िला, नर्मदा नदी का द्वीपनर्मदा के बीच द्वीप पर; यहीं ममलेश्वर मंदिर भी है।
5वैद्यनाथBaidyanath (Vaidyanath)झारखंडदेवघरस्थान को लेकर मतभेद है; नीचे “मतभेद” देखें।
6भीमाशंकरBhimashankarमहाराष्ट्रपुणे ज़िला (भीमा नदी का उद्गम क्षेत्र)स्थान को लेकर मतभेद है; नीचे “मतभेद” देखें।
7रामेश्वरRameswaram (Ramanathaswamy)तमिलनाडुरामेश्वरमबारह ज्योतिर्लिंगों में सबसे दक्षिणी माना जाता है।
8नागेश्वरNageshwarगुजरातद्वारका क्षेत्र (दारुका वन)स्थान को लेकर मतभेद है; नीचे “मतभेद” देखें।
9काशी विश्वनाथVishwanathउत्तर प्रदेशवाराणसीगंगा के पश्चिमी तट पर; मुख्य देवता “विश्वनाथ/विश्वेश्वर” (जगत के स्वामी)।
10त्र्यंबकेश्वरTrimbakeshwarमहाराष्ट्रनाशिक ज़िलागोदावरी नदी के उद्गम से जुड़ा।
11केदारनाथKedarnathउत्तराखंडकेदारनाथ (हिमालय)सबसे उत्तरी ज्योतिर्लिंग माना जाता है; साल में केवल छह महीने दर्शन के लिए सुलभ।
12घृष्णेश्वर (घुश्मेश्वर)Grishneshwarमहाराष्ट्रएलोरा के पास, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) ज़िलाएलोरा गुफाओं से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर।

स्थान को लेकर मतभेद

  • वैद्यनाथ: अंग्रेज़ी और हिंदी विकिपीडिया की तालिकाएँ देवघर (झारखंड) बताती हैं। पर स्तोत्र की पंक्ति (“परल्यां वैद्यनाथं”) के अंग्रेज़ी अनुवाद में इसे परली (Parli) में बताया गया है, और हिंदी लेख में स्तोत्र का पाठ भी “परल्यां वैजनाथं” है। इसलिए स्थान पर मतभेद है।
  • नागेश्वर: स्तोत्र के अनुसार दारुका वन में, जिसे विकिपीडिया “संभवतः आज का द्वारका (गुजरात) क्षेत्र” बताती है। औंढ़ा नागनाथ (हिंगोली ज़िला, महाराष्ट्र) और जागेश्वर (अल्मोड़ा ज़िला, उत्तराखंड) को भी कुछ लोग नागेश ज्योतिर्लिंग मानते हैं।
  • भीमाशंकर: अंग्रेज़ी तालिका पुणे ज़िले के भीमाशंकर (महाराष्ट्र) को बताती है। हिंदी विकिपीडिया के लेख में यह भी लिखा है कि शिव पुराण के आधार पर कुछ लोग मूल भीमाशंकर को असम के कामरूप (गुवाहाटी के पास) में मानते हैं, और कुछ उत्तराखंड के उज्जनक में।
  • घृष्णेश्वर: स्तोत्र में “शिवालय” के साथ आता है; विकिपीडिया की तालिकाएँ एलोरा के पास (महाराष्ट्र) का मंदिर बताती हैं। नाम की वर्तनी घृष्णेश्वर, घुश्मेश्वर और ग्रिश्नेश्वर, तीनों मिलती हैं।

ये मतभेद हमारे स्रोतों में दर्ज हैं; हम किसी एक पक्ष को सही नहीं ठहराते। तीर्थयात्रा की योजना बनाते समय मंदिर ट्रस्ट या सरकारी पर्यटन वेबसाइट देख लें।

7 चिरंजीवी के नाम

7 चिरंजीवी हैं: अश्वत्थामा, बलि (महाबली), व्यास, हनुमान, विभीषण, कृप और परशुराम। पुराणों, रामायण और महाभारत में सामान्यतः इन्हीं सात का उल्लेख बताया जाता है। परंपरा के अनुसार ये वर्तमान युग (कलियुग) के अंत तक पृथ्वी पर रहने वाले माने जाते हैं। “चिरंजीवी” का अर्थ है “दीर्घकाल तक जीवित रहने वाला”; विद्वान इसे पूर्ण अमरता (अमरत्व) से अलग मानते हैं, क्योंकि चिरंजीवी का जीवन एक कल्प तक का बताया गया है।

क्रमनामEnglishपरंपरा में परिचय
1अश्वत्थामाAshvatthamaद्रोण के पुत्र। परंपरा के अनुसार वे ग्यारह रुद्रों में से एक के अवतार माने जाते हैं और कृष्ण के शाप से उन्हें दीर्घकाल तक जीवित रहना पड़ा।
2बलि (महाबली)Mahabaliअसुरों के राजा, जिन्हें उदार शासक माना जाता है। विष्णु के अवतार वामन ने उन्हें सुतल लोक भेजा और उन्हें अमरता का वरदान मिला।
3व्यासVyasaमहाभारत के रचयिता और वेदों के संकलनकर्ता माने जाते हैं; पराशर और सत्यवती के पुत्र।
4हनुमानHanumanराम के वानर भक्त; निःस्वार्थता, साहस, भक्ति और बल के प्रतीक माने जाते हैं।
5विभीषणVibhishanaरावण के भाई, जो लंका युद्ध से पहले धर्म के प्रति निष्ठा के कारण राम के पक्ष में आ गए और बाद में लंका के राजा बने।
6कृपKripaमहाभारत में राजकुमारों के गुरु; अश्वत्थामा के साथ कुरुक्षेत्र युद्ध में बचे कुछ कौरव योद्धाओं में से एक।
7परशुरामParashuramaविष्णु के छठे अवतार; सभी दिव्य अस्त्र-शस्त्रों और शास्त्रों के ज्ञाता। कल्कि पुराण के अनुसार वे अंत समय में कल्कि के गुरु बनेंगे।

चिरंजीविश्लोक में सात नाम इस प्रकार गिनाए गए हैं: “अश्वत्थामा बलिर्व्यासो हनुमांश्च विभीषणः। कृपः परशुरामश्च सप्तैतै चिरञ्जीविनः॥” इसी श्लोक का अगला भाग मार्कण्डेय को आठवें के रूप में स्मरण करने की बात कहता है, इसलिए कुछ विद्वान संख्या आठ भी मानते हैं।

सूची में कभी-कभी जोड़े जाने वाले नाम

नामEnglishपरंपरा में परिचय
मार्कण्डेयMarkandeyaऋषि; परंपरा के अनुसार शिव की भक्ति से मृत्यु से बचे और अमरता का वरदान पाया।
काकभुशुण्डिKakabhushundiराम के भक्त, जो कौए के रूप में गरुड़ को रामायण सुनाते हैं।
जाम्बवानJambavanरीछों के राजा, जिन्होंने सीता की खोज में राम की सहायता की।
अगस्त्यAgastyaमहान ऋषि; ऋग्वेद के कई सूक्तों के रचयिता माने जाते हैं।
नारदNaradaब्रह्मा के मानसपुत्र और देवर्षि, जो वीणा लेकर विभिन्न लोकों में समाचार पहुँचाते हैं।

भारत के राष्ट्रीय प्रतीक

भारत सरकार ने कई आधिकारिक राष्ट्रीय प्रतीक तय किए हैं। स्वतंत्रता (15 अगस्त 1947) के बाद तिरंगा पहला राष्ट्रीय प्रतीक बना; राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को संविधान लागू होने (26 जनवरी 1950) से दो दिन पहले अपनाया गया; सबसे हाल में अपनाया गया प्रतीक राष्ट्रीय सूक्ष्मजीव है (अक्टूबर 2012)।

श्रेणीप्रतीकअपनाए जाने की तिथिटिप्पणी
राष्ट्रीय ध्वजतिरंगा (भारत का ध्वज)22 जुलाई 1947 (संविधान सभा); 15 अगस्त 1947 को फहराया गयाकेसरिया, सफ़ेद और हरी तीन बराबर पट्टियाँ; बीच में 24 तीलियों वाला नीला अशोक चक्र। लंबाई-चौड़ाई का अनुपात 3:2।
राजकीय प्रतीकसारनाथ का अशोक सिंह-स्तंभ शीर्ष30 दिसंबर 1947; वर्तमान रूप 26 जनवरी 1950चार शेर पीठ से पीठ सटाकर खड़े हैं (सामने से तीन दिखते हैं)। नीचे देवनागरी में “सत्यमेव जयते”।
राष्ट्रीय आदर्श वाक्यसत्यमेव जयतेराजकीय प्रतीक के साथअर्थ: “सत्य की ही जीत होती है”; मुंडक उपनिषद से लिया गया।
राष्ट्रगानजन गण मन24 जनवरी 1950 (पहला पद)रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा बांग्ला में रचित “भारतो भाग्यो बिधाता” का पहला पद; बजने में लगभग 52 सेकंड।
राष्ट्रगीतवंदे मातरम्24 जनवरी 1950 (पहले दो पद)बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की संस्कृत रचना, 1882 में उपन्यास “आनंदमठ” में प्रकाशित।
राष्ट्रीय पशुबाघ (बंगाल टाइगर)अप्रैल 1973राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की बैठक में शेर की तुलना में पूरे देश में अधिक पाए जाने के कारण चुना गया।
राष्ट्रीय पक्षीभारतीय मोर1 फरवरी 1963भारतीय उपमहाद्वीप का मूल पक्षी।
राष्ट्रीय धरोहर पशुभारतीय हाथी22 अक्टूबर 2010भारत का सबसे बड़ा स्थलीय स्तनधारी।
राष्ट्रीय जलीय जीवगंगा नदी डॉल्फ़िन (सूंस)18 मई 2010लुप्तप्राय मीठे पानी की डॉल्फ़िन; संरक्षण के प्रति जागरूकता के लिए घोषित।
राष्ट्रीय वृक्षबरगद (Ficus benghalensis)1950 (विकिपीडिया तालिका के अनुसार)हवाई जड़ों और लंबी उम्र के कारण इसे अनश्वर माना जाता है।
राष्ट्रीय फलआम (Mangifera indica)1950 (विकिपीडिया तालिका के अनुसार)भारत विश्व का सबसे बड़ा आम उत्पादक है।
राष्ट्रीय नदीगंगा4 नवंबर 2008हिमालय से निकलकर उत्तर भारत के मैदानों से बहती है।
राष्ट्रीय सूक्ष्मजीवLactobacillus delbrueckii (bulgaricus)18 अक्टूबर 2012दही बनाने में प्रयुक्त जीवाणु; बच्चों के मतदान से चुना गया।
राष्ट्रीय मुद्राभारतीय रुपया15 अगस्त 1947; रुपये का चिह्न जुलाई 2010रुपये का चिह्न देवनागरी “र” और रोमन “R” का मेल है।
राष्ट्रीय पंचांगभारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर (शक संवत आधारित)22 मार्च 1957सरकारी राजपत्र और आकाशवाणी के समाचारों में ग्रेगोरियन कैलेंडर के साथ प्रयुक्त।
राष्ट्रीय प्रतिज्ञाराष्ट्रीय प्रतिज्ञा26 जनवरी 1965 से स्कूलों मेंमूल रूप से 1962 में तेलुगु में पैदिमर्री वेंकट सुब्बा राव ने लिखी।
राष्ट्रीय दिवसस्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त · गणतंत्र दिवस 26 जनवरी · गांधी जयंती 2 अक्टूबर—तीनों राष्ट्रीय दिवस।

जो “राष्ट्रीय” कहे जाते हैं, पर आधिकारिक घोषणा नहीं मिली

  • राष्ट्रीय पुष्प, कमल: व्यापक रूप से कमल को राष्ट्रीय फूल माना जाता है और सरकारी सामग्री में भी ऐसा लिखा मिलता है। पर विकिपीडिया के अनुसार सरकार ने स्पष्ट किया है कि कोई आधिकारिक राष्ट्रीय पुष्प घोषित नहीं है।
  • राष्ट्रीय खेल, हॉकी: 2012 में खेल मंत्रालय ने एक RTI के उत्तर में बताया कि भारत में कोई आधिकारिक राष्ट्रीय खेल घोषित नहीं है, हालाँकि सरकारी वेबसाइटों और पाठ्यपुस्तकों में हॉकी को राष्ट्रीय खेल लिखा गया है।

जाँच नोट: कुछ सूचियों में राजकीय सरीसृप के रूप में किंग कोबरा भी लिखा मिलता है, पर अपनाने की तिथि और आधिकारिक घोषणा का स्रोत हमें नहीं मिला, इसलिए उसे यहाँ शामिल नहीं किया गया।

भारत के शास्त्रीय नृत्य

भारत में 8 शास्त्रीय नृत्य हैं, जिन्हें संगीत नाटक अकादमी ने मान्यता दी है: भरतनाट्यम, कथक, कथकली, कुचिपुड़ी, मणिपुरी, मोहिनीअट्टम, ओडिसी और सत्रिया। इन सबकी जड़ें नाट्यशास्त्र (भरत मुनि की रचना) की परंपरा में मानी जाती हैं।

क्रमनृत्यEnglishराज्य / क्षेत्र
1भरतनाट्यमBharatanatyamतमिलनाडु
2कथकKathakउत्तर प्रदेश
3कथकलीKathakaliकेरल
4कुचिपुड़ीKuchipudiआंध्र प्रदेश और तेलंगाना
5मणिपुरीManipuriमणिपुर
6मोहिनीअट्टमMohiniyattamकेरल
7ओडिसीOdissiओडिशा
8सत्रियाSattriyaअसम

छऊ और “कितने शास्त्रीय नृत्य?” का मतभेद

  • संख्या स्रोत के अनुसार बदलती है। विकिपीडिया के अनुसार शास्त्रीय नृत्यों की संख्या छह से आठ, बारह या उससे अधिक तक बताई जाती है। Encyclopaedia Britannica छह नृत्य गिनती है और मोहिनीअट्टम तथा सत्रिया को अपनी सूची में शामिल नहीं करती।
  • संगीत नाटक अकादमी: आठ नृत्य। अकादमी के पुरस्कार-दिशानिर्देशों में नृत्य की श्रेणियों में यही आठ और इनके साथ “छऊ” अलग श्रेणी के रूप में दर्ज हैं; अकादमी का एक छऊ केंद्र भी है।
  • छऊ को विकिपीडिया “अर्ध-शास्त्रीय” नृत्य बताती है, जिसमें युद्ध-कला और लोक परंपराओं का मेल है; यह झारखंड (सरायकेला), ओडिशा (मयूरभंज) और पश्चिम बंगाल (पुरुलिया) में तीन शैलियों में मिलता है।
  • संस्कृति मंत्रालय: विकिपीडिया के लेख में इसकी सूची को कहीं नौ नृत्य (आठ और छऊ) और कहीं दस नृत्य (छऊ और गौड़ीय नृत्य सहित) बताया गया है, यानी लेख खुद एकमत नहीं है। मंत्रालय की अपनी वेबसाइट हमारी जाँच के समय खुल नहीं सकी, इसलिए हम इस दावे की पुष्टि नहीं कर पाए। इसी कारण यहाँ मुख्य सूची में आठ नृत्य रखे गए हैं।

योग के सामान्य फायदे

अमेरिका के राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान (NIH) का केंद्र NCCIH बताता है कि योग भारतीय दर्शन में जड़ें रखने वाला प्राचीन अभ्यास है, जो आध्यात्मिक साधना के रूप में शुरू हुआ और अब शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लोकप्रिय है। आज के योग में आम तौर पर आसन (शारीरिक मुद्राएँ), प्राणायाम (साँस की तकनीकें) और ध्यान पर ज़ोर रहता है।

NCCIH के अनुसार शोध संकेत देते हैं कि योग:

  • तनाव घटाने, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य, नींद और संतुलन सुधारने में मदद कर सकता है;
  • गर्दन के दर्द, माइग्रेन या तनाव वाले सिरदर्द और घुटने के ऑस्टियोआर्थराइटिस के दर्द में राहत दे सकता है, और कमर दर्द में थोड़ा लाभ दे सकता है;
  • चिंता या अवसाद के लक्षणों को सँभालने और स्वस्थ आदतें अपनाने में सहायक हो सकता है।

सावधानी: NCCIH के अनुसार स्वस्थ लोगों के लिए, सही तरीके से और योग्य प्रशिक्षक की देखरेख में योग को आम तौर पर सुरक्षित गतिविधि माना जाता है। फिर भी मोच और खिंचाव जैसी चोटें हो सकती हैं, गंभीर चोटें दुर्लभ हैं। गर्भावस्था या कोई बीमारी हो तो अभ्यास शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से पूछें। यह पेज सामान्य जानकारी है, चिकित्सकीय सलाह नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

  • 12 ज्योतिर्लिंग कौन-से हैं?
    Answer: सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, वैद्यनाथ, भीमाशंकर, रामेश्वर, नागेश्वर, काशी विश्वनाथ, त्र्यंबकेश्वर, केदारनाथ और घृष्णेश्वर। कुछ के स्थान पर मतभेद है, ऊपर तालिका और “मतभेद” खंड देखें।
  • 7 चिरंजीवी कौन हैं?
    Answer: अश्वत्थामा, बलि, व्यास, हनुमान, विभीषण, कृप और परशुराम। कुछ सूचियों में मार्कण्डेय को आठवें के रूप में जोड़ा जाता है।
  • भारत में कितने शास्त्रीय नृत्य हैं?
    Answer: संगीत नाटक अकादमी आठ शास्त्रीय नृत्य मानती है: भरतनाट्यम, कथक, कथकली, कुचिपुड़ी, मणिपुरी, मोहिनीअट्टम, ओडिसी और सत्रिया। छऊ को कुछ सूचियाँ जोड़ती हैं, इसलिए संख्या स्रोत के अनुसार 6 से 12 या उससे अधिक तक बताई जाती है।

स्रोत

सभी लिंक 23 अक्टूबर 2026 को खुले मिले। विकिपीडिया समय के साथ बदलती है; यदि आपको कोई त्रुटि दिखे तो हमें बताएँ।

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